8th Pay Commission Update 2025 सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। अगर आप भी केंद्र या राज्य सरकार की नौकरी में हैं, तो यह अपडेट आपके लिए बेहद अहम है। आठवें वेतन आयोग 8th Pay Commission Update 2025 को लेकर कर्मचारियों में उत्सुकता
लगातार बढ़ती जा रही है। हर किसी के मन में यही सवाल है—इस बार सैलरी कितनी बढ़ेगी? और क्या सरकार महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी में मर्ज करने जा रही है? आइए जानते हैं पूरी जानकारी आसान भाषा में।
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8th Pay Commission Update 2025 को लेकर सरकार का रुख
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को फिलहाल सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन और पेंशन दी जा रही है। अब सबकी निगाहें अगले आयोग यानी 8th Pay Commission Update 2025 पर टिकी हैं। सरकार ने पहले ही संकेत दिए हैं कि 31 दिसंबर 2025 तक सातवें वेतन आयोग की अवधि पूरी हो जाएगी। इसके बाद नए आयोग को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालांकि, अब
तक सरकार ने महंगाई भत्ता को बेसिक सैलरी में जोड़ने यानी DA Merge करने पर कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया है। लेकिन कर्मचारियों की ओर से यह मांग लगातार उठ रही है कि जब भी डीए 50% पार कर जाए, तो उसे बेसिक में मर्ज कर देना चाहिए—जैसा कि पुराने नियमों में होता था।
क्या इस बार महंगाई भत्ता (DA) बेसिक में मर्ज होगा?
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार आठवें वेतन आयोग में इस बार महंगाई भत्ता मर्ज करने पर विचार कर सकती है। लेकिन अभी तक इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यानी, कर्मचारियों को
अभी थोड़ी और प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है। अगर डीए को बेसिक सैलरी में जोड़ा जाता है, तो इसका सीधा फायदा यह होगा कि कर्मचारियों की पेंशन और अन्य भत्तों की गणना भी उसी हिसाब से बढ़ जाएगी। इससे रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी हो सकती है।
DA का कैलकुलेशन कैसे होता है
महंगाई भत्ता की गणना AICPI-IW (All India Consumer Price Index for Industrial Workers) के आधार पर की जाती है। अभी इसका बेस ईयर 2016 माना गया है, जो सातवें वेतन आयोग के समय तय किया गया था। लेकिन उम्मीद की जा रही है कि आठवें वेतन आयोग के लागू
होते ही नया बेस ईयर 2026 कर दिया जाएगा। अगर ऐसा होता है, तो महंगाई भत्ते की गणना एक नए फॉर्मूले से शुरू होगी—यानि डीए की गणना फिर से “जीरो” से शुरू हो सकती है।
Fitment Factor से बढ़ेगी बेसिक सैलरी
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor)—जो कि बेसिक सैलरी बढ़ाने का मल्टीप्लायर होता है—को लगभग 2.86 तक बढ़ाया जा सकता है। इसका मतलब समझिए अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹18,000 है, तो नई व्यवस्था में यह करीब ₹51,000
तक पहुंच सकती है। हालांकि यह सिर्फ शुरुआती अनुमान हैं। असली बढ़ोतरी तो तभी पता चलेगी जब वेतन आयोग की सिफारिशें सरकार को सौंप दी जाएंगी और उसे कैबिनेट की मंजूरी मिल जाएगी।
7वें वेतन आयोग में DA में 3% की बढ़ोतरी
सातवें वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार ने जुलाई से दिसंबर 2025 की अवधि के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3% की बढ़ोतरी की थी। इससे कुल डीए बढ़कर 58% तक पहुंच गया है। हालांकि यह सातवें वेतन आयोग की आखिरी बढ़ोतरी मानी जा रही है। पुराने नियमों
के मुताबिक, जब डीए 50% तक पहुंच जाता है, तो उसे बेसिक में शामिल कर देना चाहिए था—लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। कारण साफ है—आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हुई है और न ही उसकी कोई आधिकारिक कमेटी गठित की गई है। इसी वजह से सरकार ने फिलहाल किसी बड़े बदलाव से परहेज़ किया है।
कर्मचारियों को कब मिलेगी राहत?
सूत्रों के मुताबिक, सरकार फिलहाल एक अंतरिम राहत (Interim Relief) देने पर विचार कर रही है ताकि कर्मचारियों को कुछ राहत मिल सके, जब तक कि नया वेतन आयोग लागू न हो जाए। इससे सैलरी में थोड़ी अस्थायी बढ़ोतरी हो सकती है। कुल मिलाकर, आठवें वेतन आयोग पर चर्चा अभी
शुरुआती दौर में है, लेकिन उम्मीद है कि 2026 से कर्मचारियों की जेब में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
निष्कर्ष:(8th Pay Commission Update 2025)
सरकारी कर्मचारियों के लिए 2025-26 का साल बेहद अहम रहने वाला है। जहां एक ओर डीए में संभावित मर्ज की चर्चा गर्म है, वहीं वेतन में बढ़ोतरी को लेकर भी उम्मीदें चरम पर हैं। अगर सरकार इस दिशा में कोई बड़ा फैसला लेती है, तो यह कर्मचारियों और पेंशनर्स—दोनों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है
डिस्क्लेमर: यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स, विशेषज्ञों की राय और सरकारी बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। 8th Pay Commission Update 2025 से जुड़ी सभी संभावनाएं अनुमान और चर्चा पर आधारित हैं। किसी भी प्रकार का आधिकारिक निर्णय आने पर जानकारी अपडेट कर
दी जाएगी। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले सरकारी अधिसूचना या आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि अवश्य करें।








